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 ।देवघर संस्कृत संस्थान आप सभी छात्रों का हार्दिक अभिनंदन करता है।संस्कृत, भारत को एकता के सूत्र में बाँधती है।देवघर संस्कृत संस्थान से पढ़ाई करके बेहतर करिअर निर्माण किया जा सकता है। यदि आप संस्कृत में अपना करिअर बनाना चाहते हैं तो हाई स्कूल की पढ़ाई से ही संस्कृत विषय का चुनाव करना चाहिए। बारहवीं पास करने के उपरांत उन संस्थानों में प्रवेश लेना होगा जो संस्कृत विषय में डिग्री और डिप्लोमा का पाठ्यक्रम करवाते हों। यदि उच्च शिक्षा में रुचि है तो संस्कृत विषय में स्नातकोत्तर किया जा सकता है लेकिन संस्कृत विषय में गहन शोध करने के लिए आपको डॉक्टरेट की उपाधि लेनी होगी। संस्कृत का प्राचीन साहित्य अत्यधिक प्राचीन, विशाल और विविधता से पूर्ण है। इसमें अध्यात्म, दर्शन, ज्ञान-विज्ञान और साहित्य की भरपूर सामग्री है। संस्कृत साहित्य विविध विषयों का भंडार है। इसका प्रभाव सम्पूर्ण विश्व के चिंतन पर पड़ा है। भारत की संस्कृति का यह एकमात्र सुदृढ़ आधार है। भारत की लगभग सभी भाषाएं अपने शब्द-भंडार के लिए आज भी संस्कृत पर आश्रित हैं। संस्कृत को कम्प्यूटर के लिये सबसे उपयुक्त भाषा माना गया है। भारत के संविधान में संस्कृत आठवीं अनुसूची में सम्मिलित अन्य भाषाओं के साथ विराजमान है।